Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में कुछ पौधों को लगाने से व्यक्ति को पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। जाने कौन से है वो पौधें।
मुख्य बिंदु
अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होते हैं पितृ पक्ष।
पितृ पक्ष के दौरान तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से मिलता है लाभ।
पितरों के आशीर्वाद के लिए पितृ पक्ष दौरान लगाएं ये 5 शुभ पेड़-पौधे।
Pitru Paksha 2026: हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्व है। प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है और आश्विन माह की अमावस्या तिथि पर समाप्त होते है। पितृ पक्ष में 15 दिनों तक लोग अपने पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए पितृ दान करते हैं, तर्पण करते हैं अथवा श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इन 15 दिनों तक पितृ पृथ्वी पर आते हैं और अपने परिजनों को आशीर्वाद देते हैं। पितृपक्ष पितृ दोष से मुक्ति पाने का सबसे अच्छा अवसर होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों के आशीर्वाद से ही परिवार सुखी और सम्पन्न रहता है।
मनुष्य की तरह पेड़-पौधों में भी प्राण होते हैं। ऐसी मान्यता है कि पवित्र वृक्षों में देवताओं के साथ पितरों का भी वास होता है। हिंदू धर्म में कुछ पेड़-पौधों को सकारात्मक तो कुछ को नकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है। पितृपक्ष के दौरान इन पेड़-पौधों का लगाना और पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ पौधों के बारे में बताने जा रहें है जिसे लगाने से पितृ दोष खत्म हो जाता है और पितृ प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद प्रदान करते है। आइये जानते हैं पितृपक्ष में किन पौधों को लगाना चाहिए।
इन पेड़ों में होता है पितृ का वास:
पीपल (Peepal)
हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को पवित्र और पूजनीय मानकर इसकी उपासना की जाती है। माना जाता है कि पीपल के पेड़ में सभी देवी-देवताओं और पितरों का वास होता है। इसीलिए पीपल के पेड़ की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आप पितृपक्ष के दौरान इस पौधे को घर से दूर किसी स्थान या मंदिर में लगाकर इसकी उपासना करें। पितृपक्ष में नियमित पीपल वृक्ष की पूजा करने, जल चढ़ाने और दीप जलाने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
बेलपत्र (Belpatra)
बेलपत्र भगवान शिव जी को अतिप्रिय है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से भक्त को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यदि आप पितृपक्ष के दौरान बेलपत्र का पौधा अपने घर पर लगाते हैं, तो इससे महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं। साथ ही पूर्वजों की आत्मा को भी तृप्ति मिलती है। वहीं अमावस्या के दिन भगवान शिव को बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करने से पितरों को मुक्ति प्राप्त होती है। इसके अलावा बेल पत्र पर चंदन लगाकर भगवान शिव को अर्पित करने से डरावने या फिर पितरों के सपने नहीं आते।
तुलसी (Tulsi)
तुलसी को सनातन धर्म में बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। हिंदू परिवार में तुलसी का पौधा जरूर लगाया जाता है और हर रोज इसकी पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि तुलसी के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार तुलसी का एक पत्ता बैकुण्ठ तक पहुंचा सकता है। इसलिए मृतक के मुख में गंगाजल और तुलसी का पत्ता डाला जाता है। जिस घर पर हरा-भरा तुलसी का पौधा होता है, वहां अकाल मृत्यु का भय नहीं होता है। यदि पितृपक्ष के दौरान तुलसी का पौधा लगाया जाता है और उसकी अच्छे से देखभाल की जाती है, तो निश्चित रूप से पितरों का आशीर्वाद व्यक्ति पर बना रहता है। वहीं, नियमित रूप से तुलसी में जल अर्पित (रविवार और एकादशी तिथि को छोड़कर) करने और उसकी पूजा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है।
अशोक का पेड़ (Ashoka Tree)
अशोक का पेड़ भी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस पवित्र वृक्ष को लेकर ऐसी कहावत है कि, जहां अशोक होता है वहां कभी शोक नहीं होता है। इसलिए लोग इसे घर के मुख्य द्वार पर लगाते हैं। ताकि घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं कर सके। अगर आप पितृ दोष से पीड़ित हैं तो अपने घर के प्रांगण में या दरवाजे पर एक अशोक का पौधा जरूर लगाएं। मुख्य द्वार पर अशोक का पौधा लगाने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है।
बरगद का पेड़ (Banyan Tree)
हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ को आयु और मोक्ष प्रदान करने वाला वृक्ष माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष हो या आयु की समस्या हो, तो उसे बरगद का वृक्ष लगाने से लाभ मिल सकता है। वहीं, बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान शिव की पूजा करने और पेड़ की परिक्रमा करने से पितरों को मुक्ति मिल सकती है।
पितृपक्ष में अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते है तो उपरोक्त पौधें जरूर लगाएं। इसके साथ ही मैं उम्मीद करती हूँ कि आपको हमारी यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी। हमें कमेंट करके जरूर बताये। साथ ही इसे सोशल मीडिया जैसे Facebook Instagram पर भी शेयर जरूर करें। बाकी अन्य आर्टिकल्स को पढ़ने के लिए हमेशा ऐसे ही बने रहिये आपकी अपनी वेबसाइट www.99advice.com के साथ।
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। www.99advice.com इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।)
Tags: Pitru
Paksha, Pitru Paksha 2026, How To Remove Pitru Dosh, Pitru Paksha 2026 Ke Upay,
Pitru Paksha 2026 Ke Totke, Remedies For Pitru Paksha 2026, Tulsi, Pind daan,
Tarpan, Shradh paksha 2026, पितृ पक्ष, पितृ पक्ष 2026, पितृ दोष कैसे दूर करें, पितृ पक्ष 2026 के उपाय, पिंड दान, तर्पण
99advice.com provides you with all the articles pertaining to Travel, Astrology, Recipes, Mythology, and many more things. We would like to give you an opportunity to post your content on our website. If you want, contact us for the article posting or guest writing, please approach on our "Contact Us page."
Post A Comment:
0 comments so far,add yours